Monday, 15 June 2020

सुशांत सिंह राजपूत की मौत का गम बर्दाश्‍त ना कर सकी उनकी भाभी, सदमे में तोड़ा दम


बॉलीवुड के जाने माने अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) के आत्महत्या (Suicide) के गम को उनकी भाभी यानी सुधा देवी (Sudha Devi) बर्दाश्त नहीं कर पाई। सदमे में उनका निधन हो गया। उनकी मौत ठीक उस समय हुई, जब मुंबई में सुशांत सिंह राजपूत का अंतिम संस्कार (Funeral) चल रहा था। सुधा देवी ने सुशांत सिंह राजपूत की मौत की खबर के बाद से ही खाना-पीना पूरी तरह से त्याग दिया था। वे सुशांत सिंह के पैतृक गांव मलडीहा में रहती थीं।
बता दें कि, बीते रविवार को सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) ने अपने फ्लैट में आत्महत्या कर लिया था। इसके बाद पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है। उनके पैतृक गांव मलडीहा तथा पटना के राजीव नगर इलाके में लोगों को उनके जाने के गम में रोते-बिलखते हुए भी देखा जा रहा है। बता दें कि इन दोनों जगहों से सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) के बचपन की यादें जुड़ीं हैं।
भाभी की भी तबीयत बिगड़ी-
सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput Suicide) की मौत की खबर मिलने के बाद उनके पिता केके सिंह (KK Singh) गहरे सदमे में चले गए तो पूर्णिया में रह रहीं उनकी चचेरी भाभी सुधा देवी (Sudha Devi) भी अवाक रह गईं। मौत की खबर सुनकर पिछले कुछ महीनों से बीमार चल रहीं सुधा देवी की हालत काफी बिगड़ गई। सदमें में वे बार-बार बेहोश होने लगीं। परिवारवालों ने उन्हें काफी सांत्वना दी तथा डॉक्टर को भी दिखाया, लेकिन उनपर कोई भी असर नहीं पड़ा। होश में आते ही वे सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) के बारे में पूछतीं कि वह कैसा है, कब आएगा।
परिवार में दोहरा शोक, भाभी की भी सदमे में मौत-
सुशांत सिंह राजपूत के चचेरे भाई अमरेंद्र सिंह (Amrendra Singh) ने सोमवार शाम मीडिया से खास बातचीत में बताया कि, सोमवार सुबह से सुधा देवी की तबीयत काफी खराब होने लगी। शाम 5 बजे उन्होंने अपनी अंतिम सांस ली। उधर शोकाकुल अमरेंद्र सिंह राजपूत ने बिलखते हुए कहा कि पहले भाई ने सबका साथ छोड़ा, अब पत्नी भी हमेशा के लिए चलीं गईं। अब वे किसके सहारे जिंदा रहेंगे। उधर, बीते सोमवार को सुशांत सिंह के पिता केके सिंह (KK Singh) पटना से मुंबई गए, जहां अपने बेटे का शव देखकर फफक कर रोने लगे। इसके बाद सुशांत सिंह का अंतिम संस्कार (Funeral) मुंबई में ही संपन्न हुआ।